CAA ACT क्या है ? जानिए क्या मुस्लिम समुदाय को भी मिलेगी भारत की नागरिकता ?

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CAA Act 2024: अभी हाल ही मै भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने CAA एक्ट भारत में सोमवार 11 मार्च 2024 को लागू कर दिया है ,आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की बहुत सारे लोगो को पता ही नही है कीCAA एक्ट क्या है , और यह भारत में क्यों लागू किया गया है , साथ ही इसे लागू करने से क्या फायदा होगा | और बहुत सारे लोगो का प्रश्न है की क्या CAA ACT मुस्लिम समुदाय के लोगो के लिए भी लागू किया है , आगे मैंने पूरी डिटेल्स के साथ जानकारी दी है , जिसे ध्यान से पढ़कर आप पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है |

CAA ACT क्या है ? CAA लॉ का full form क्या है ?

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CAA का फुल फॉर्म नागरिकता (संसोधन )अधिनियम है |जिसमे भारत के पहले तीन पडोसी देश जैसे पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले छह धार्मिक अल्पसंख्यको (हिन्दू , सिख , बौद्ध , जैन , पारसी और ईसाई ) को भारत में नागिरिकता दी जाएगी | यह भारतीय संविधान में नागरिकता संसोधन अधिनियम 2019 एक ऐसा कानून है , जो 2014 से पहले तीन पडोसी देशो पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले छह धार्मिक के अल्पसंख्यको को भारत में नागरिकता दी जाएगी |

क्या मुस्लिमो सुविधा समुदाय को भी दी जाएगी CCA एक्ट की सुविधा का लाभ

अभी हाल ही मै भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने CAA एक्ट भारत में सोमवार 11 मार्च 2024 को लागू कर दिया है|CAA का फुल फॉर्म नागरिकता (संसोधन )अधिनियम है |जिसमे भारत के पहले तीन पडोसी देश जैसे पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले छह धार्मिक अल्पसंख्यको (हिन्दू , सिख , बौद्ध , जैन , पारसी और ईसाई ) को भारत में नागिरिकता दी जाएगी |

लेकिन अब लोगो के मन में यह सवाल पैदा हो रहा है की क्या मुस्लिम समुदाय के लोगो को भी भारत में नागरिकता दी जाएगी , तो आपल लोगो को जानकारी के लिए बता दूँ की अभी तक सूत्रों से पता चला है और साथ ही नरेन्द्र मोदी जी की भाषण से पता चला है की केवल हिन्दू , सिख , बौद्ध , जैन , पारसी और ईसाई को ही नागरिकता दी जाएगी |

CAA का नया कानून प्रावधान क्या है ?

अभी हाल ही मै भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने CAA एक्ट भारत में सोमवार 11 मार्च 2024 को लागू कर दिया है| इसमें बताया गया है की भारत के पहले तीन पडोसी देश जैसे पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले छह धार्मिक अल्पसंख्यको (हिन्दू , सिख , बौद्ध , जैन , पारसी और ईसाई ) को भारत में नागिरिकता दी जाएगी | अगर बात करें नागरिकता अधिनियम में देशीयकरण द्वारा नागरिकता का प्रावधान किया गया है | जैसे ही भारत में नागरिकता लेने के लिए कोई आवेदक आवेदन करेगा , उसके 12 महीनोके दौरान और पिछले 14 वर्षो में से आखिरी साल 11 महीने भारत में रहना चाहिए , तभी उसे भारत की नागरिकता का लाभ प्राप्त होगा |

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